आज हर व्यक्ति श्रमिक है — बीके स्वाति दीदी

01 मई 2026, बिलासपुर। आज की भागती-दौड़ती जीवनशैली में मजदूर केवल वही नहीं है जो सिर पर बोझ उठाता है, ईंट-रेत ढोता है या सड़क पर काम करता है। आज हर इंसान किसी न किसी बोझ को उठा रहा है — कोई जिम्मेदारियों का बोझ, कोई अपेक्षाओं का बोझ, तो कोई मानसिक तनाव और चिंता का बोझ।
अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय बिलासपुर की मुख्य शाखा, टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित राजयोग भवन की संचालिका बीके स्वाति दीदी ने मजदूर दिवस को केवल शारीरिक श्रम तक सीमित न रखते हुए जीवन के व्यापक संघर्ष से जोड़कर प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में श्रमिक है। कोई परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ उठा रहा है, कोई नौकरी के दबाव से गुजर रहा है, तो कोई अपने बच्चों के भविष्य की चिंता में दिन-रात लगा हुआ है।
उन्होंने बताया कि आज का सबसे बड़ा श्रम मानसिक श्रम है। ऐसा श्रम जो दिखाई नहीं देता, लेकिन व्यक्ति की ऊर्जा, शांति और स्वास्थ्य को गहराई से प्रभावित करता है। लगातार सोचते रहना, निर्णय लेते रहना, अपेक्षाओं पर खरा उतरने का दबाव — यह सब भी श्रम के ही रूप हैं। हम अक्सर भीतर चल रही इस संघर्षपूर्ण मेहनत को अनदेखा कर देते हैं, जबकि वास्तविक आवश्यकता हर उस आत्मा के सम्मान की है जो चुपचाप अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रही है।
इस संदर्भ में बीके स्वाति दीदी ने राजयोग मेडिटेशन की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राजयोग मन को स्थिर करने, विचारों को सही दिशा देने और आत्मिक शक्ति को जागृत करने की सहज विधि है। जब व्यक्ति कुछ समय के लिए स्वयं को शांत होकर आत्म-स्मृति में स्थिर करता है, तब मन पर जमा हुआ तनाव धीरे-धीरे हल्का होने लगता है। राजयोग के अभ्यास से नकारात्मक विचारों की गति धीमी होती है और सकारात्मक, सशक्त विचारों का संचार होता है।
राजयोग मेडिटेशन व्यक्ति को यह अनुभव कराता है कि वह केवल परिस्थितियों से जूझने वाला शरीर नहीं, बल्कि एक शांत, सशक्त आत्मा है। यह आत्मिक अनुभव भीतर आत्मविश्वास, धैर्य और स्पष्टता को बढ़ाता है। जब मन हल्का होता है, तो जीवन की जिम्मेदारियाँ बोझ नहीं, बल्कि कर्तव्य बन जाती हैं।
इसी क्रम में बीके स्वाति दीदी ने यह जानकारी भी साझा की कि बाल संस्कार शिविर के समापन के बाद अनेक अभिभावकों द्वारा बच्चों की परवरिश से जुड़े मार्गदर्शन की आवश्यकता व्यक्त की गई थी। इस आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए अब अभिभावकों के लिए “पेरेंटिंग विथ वैल्यूज़” विषय पर सात दिवसीय विशेष शिविर आयोजित किया जा रहा है।
यह शिविर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की बिलासपुर मुख्य शाखा, टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित राजयोग भवन में संपन्न होगा। शिविर पूर्णतः निशुल्क एवं प्रतिदिन सुबह 8:00 से 9:00 बजे तक तथा शाम 6:00 से 7:00 बजे तक आयोजित रहेगा। जिससे कामकाजी अभिभावक भी अपनी सुविधा के अनुसार इसमें भाग ले सकें। कार्यक्रम में राजयोग मेडिटेशन के साथ-साथ व्यावहारिक पेरेंटिंग मार्गदर्शन दिया जाएगा, जिससे अभिभावक स्वयं को संतुलित रखते हुए बच्चों के लिए सकारात्मक आदर्श बन सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *