
बिलासपुर। पवित्रता, आत्मिक प्रेम और भाईचारे के पावन पर्व रक्षाबंधन के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की बिलासपुर मुख्य शाखा, राजयोग भवन में ईश्वरीय रक्षाबंधन उत्सव का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, उद्योग, समाजसेवा और मीडिया जगत की कई शीर्ष हस्तियों का आगमन हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के राज्य मंत्री तोखन साहू एवं लीलावती साहू, पूर्व केबिनेट मंत्री एवं बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल और बिलासपुर जिलाधीश एवं जिला दंडाधिकारी कलेक्टर संजय अग्रवाल उपस्थित रहे। उनके साथ ही प्रयास ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के प्रेसिडेंट एवं प्रयास पब्लिक स्कूल बिलासपुर के चेयरमैन सचिन यादव, ‘नई दुनिया’ दैनिक समाचार पत्र के संपादक डॉ. सुनील गुप्ता, श्री सूर्या पुष्पा फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं समाज सेवक गौरव शुक्ला सहित शहर के उद्योगपति, समाज सेवक, शिक्षकों ने भी सेवा केंद्र पहुंचकर इस दिव्य उत्सव में शिरकत की।
स्वाति दीदी ने कराया परमात्मा अनुभूति – राजयोग भवन की सेवा ने सभी सम्मानित अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने उपस्थित सभी विभूतियों को रक्षाबंधन के गूढ़ आध्यात्मिक रहस्य से अवगत कराया। स्वाति दीदी ने बताया कि रक्षाबंधन का वास्तविक अर्थ स्वयं को परमात्मा की छत्रछाया में सौंपकर विकारों से मुक्त होना है। दीदी ने सभी अतिथियों को गहन राजयोग का अभ्यास कराया, जिससे सभी ने मन की गहरी शांति और ईश्वरीय अनुभूति प्राप्त की।
कार्यक्रम में उपस्थित भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के राज्य मंत्री तोखन साहू ने राजयोग भवन में पहुंचकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यहां आकर मन को असीम शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में व्यक्ति के पास भौतिक सुविधाएं तो बढ़ रही हैं, लेकिन मन की शांति लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्था पूरे विश्व में शांति, पवित्रता, सद्भाव और मानवीय मूल्यों का जो संदेश दे रही है, वह वर्तमान समय में अत्यंत आवश्यक है।
तोखन साहू ने स्वाति दीदी से रक्षासूत्र बंधवाते हुए कहा कि यह रक्षासूत्र उन्हें देश सेवा, समाज सेवा और जनकल्याण के कार्यों को और अधिक मजबूती से करने की प्रेरणा देता है।
बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने कहा कि रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति का अत्यंत पवित्र पर्व है, जो प्रेम, विश्वास, सुरक्षा और आत्मिक भाईचारे की भावना को मजबूत करता है। राजयोग भवन में आकर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव हुआ और रक्षासूत्र बंधवाकर उन्होंने पवित्रता एवं श्रेष्ठ जीवन का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारी स्वाति दीदी ने कहा कि आज के समय में मनुष्य को बाहरी सुरक्षा के साथ-साथ अपने विचारों और संस्कारों की सुरक्षा की भी आवश्यकता है। रक्षाबंधन का रक्षासूत्र इसी पवित्र संकल्प का प्रतीक है।