
06 अक्टूबर 2026, बिलासपुर। पुलिस विभाग, बिलासपुर रेंज द्वारा तृतीय रेंज स्तरीय रिफ्रेशर कोर्स का आयोजन बिलासपुर स्थित चेतना हाल में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत “तनाव प्रबंधन एवं मानसिक स्वास्थ्य” विषय पर डेढ़ घंटे की विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का संचालन प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय बिलासपुर की मुख्य शाखा, टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित राजयोग भवन की संचालिका ब्रह्माकुमारी स्वाति दीदी ने किया। रेंज के विभिन्न जिलों से लगभग 150 पुलिस अधिकारी एवं जवान इस प्रशिक्षण में शामिल हुए।
यह गरिमामयी कार्यशाला पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) माननीय भ्राता रामगोपाल गर्ग जी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) माननीय भ्राता रजनेश सिंह जी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आदरणीय मधुलिका सिंह जी के कुशल मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से आयोजित की जा रही है।
कार्यशाला में बीके स्वाति दीदी ने तनाव को केवल बाहरी परिस्थितियों का परिणाम न मानते हुए मन की स्थिति से जोड़कर समझाया। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक जीवन में व्यक्ति के पास हर प्रकार की सुविधाएं हैं—सोफा सेट है, डाइनिंग सेट है, ज्वेलरी सेट है, हर चीज सेट है, लेकिन कई बार माइंड अपसेट है। इसलिए आवश्यकता केवल घर और जीवन की चीजों को व्यवस्थित करने की नहीं, बल्कि अपने मन को भी “सेट” करने की है।
उन्होंने पुलिसकर्मियों को समझाया कि पुलिस सेवा में निरंतर चुनौतियां, जिम्मेदारियां, आकस्मिक परिस्थितियां, कानून-व्यवस्था का दबाव तथा लोगों की समस्याओं से सामना होता है। ऐसे में तनाव को भीतर जमा करते रहने के बजाय उसे सकारात्मक ढंग से संभालना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि परिस्थितियां हमेशा हमारे नियंत्रण में नहीं होतीं, लेकिन परिस्थितियों के प्रति हमारी सोच और प्रतिक्रिया हमारे हाथ में होती है। यही समझ तनाव को शक्ति में बदलने का माध्यम बन सकती है।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को मन में जमा नकारात्मक भावनाओं को पहचानने और उनसे मुक्त होने, स्वयं के प्रति सम्मान एवं आत्मविश्वास बढ़ाने, दूसरों के प्रति शुभभावना रखने तथा जीवन में कृतज्ञता की भावना विकसित करने के व्यावहारिक उपाय बताए गए। उन्होंने बताया कि जब हम किसी व्यक्ति या परिस्थिति को बार-बार मन में दोहराते हैं तो उसका प्रभाव हमारे मन पर पड़ता है। इसलिए क्षमा, शुभकामना और सकारात्मक चिंतन को जीवन का हिस्सा बनाना मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
बीके स्वाति दीदी ने पुलिस अधिकारियों को यह भी प्रेरणा दी कि खुश रहना परिस्थितियों पर निर्भर नहीं, बल्कि यह हमारे मन की एक शक्ति है। तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी यदि मन शांत, स्थिर और सकारात्मक रहे तो व्यक्ति अधिक स्पष्टता एवं प्रभावी ढंग से निर्णय ले सकता है।
कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों ने तनाव प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य तथा सकारात्मक जीवनशैली से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को समझा। प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को व्यावसायिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपने मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक करना रहा।