
19 अक्टूबर 2026, बिलासपुर:
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय बिलासपुर की मुख्य शाखा टेलीफोन एक्सचेंज रोड के अंतर्गत रतनपुर शाखा द्वारा एक भव्य और प्रेरणादायक तीन दिवसीय चैतन्य दुर्गा झांकी का आयोजन किया गया। यह आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम बिलासपुर मुख्य शाखा की संचालिका बीके स्वाति दीदी के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। पर्व के इस पावन अवसर पर सजी अलौकिक चैतन्य देवियों की झांकी ने जहां श्रद्धालुओं को भाव-विभोर किया, वहीं महामाया मानस मंच के माध्यम से समाज को व्यसन मुक्ति का एक सशक्त संदेश भी दिया गया।

कार्यक्रम की मुख्य सूत्रधार और रतनपुर सेवाकेंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी संतोषी दीदी के नेतृत्व में तीन दिनों तक चले इस महोत्सव में लाखों की संख्या में श्रद्धालु और आम जनमानस शामिल हुए। चैतन्य झांकी के प्रांगण में जैसे ही देवियों के रूप में बैठीं ब्रह्माकुमारियों ने अपनी एकाग्रता और दिव्य दृष्टि से वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर किया, वहां उपस्थित हर व्यक्ति मंत्रमुग्ध हो उठा। श्रद्धालुओं ने देवियों के इस जीवंत और पावन स्वरूप के दर्शन कर असीम शांति की अनुभूति की।
इस भव्य आयोजन के दौरान अध्यात्म को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए एक वृहद व्यसन मुक्ति अभियान चलाया गया। रतनपुर सेवाकेंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी संतोषी दीदी ने चैतन्य देवियों की झांकी के प्रांगण तथा प्रसिद्ध महामाया मानस मंच से उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित किया। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में संतोषी दीदी ने कहा कि आज का समाज कई तरह की सामाजिक कुरीतियों और नशों की गिरफ्त में फंसता जा रहा है। सच्चा दैवीय गुण और शक्ति तब तक हमारे जीवन में अवतरित नहीं हो सकती, जब तक हम अपनी आंतरिक बुराइयों और व्यसनों का त्याग नहीं करते।
संतोषी दीदी ने सिद्धपीठ मां महामाया मानस मंच से पुरजोर शब्दों में अपील करते हुए कहा कि त्योहारों की वास्तविक सार्थकता तभी है जब हम अपनी बुरी आदतों को मां दुर्गा के चरणों में समर्पित कर दें। उन्होंने उपस्थित लाखों लोगों को जीवन भर किसी भी प्रकार के नशे जैसे शराब, गुटखा, सिगरेट आदि से दूर रहने का संकल्प दिलाया। सेवाकेंद्र के भाई-बहनों द्वारा झांकी प्रांगण में विशेष रूप से व्यसन मुक्ति प्रदर्शनी और परामर्श स्टॉल भी लगाया गया था, जहां लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया और राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से इससे उबरने के व्यावहारिक उपाय बताए गए।
तीन दिनों तक चले इस आध्यात्मिक मेले में रतनपुर, बिलासपुर और आस-पास के क्षेत्रों से आए लाखों श्रद्धालुओं ने न केवल मां दुर्गा के चैतन्य स्वरूप के दर्शन किए, बल्कि व्यसन मुक्त और स्वच्छ समाज के निर्माण में अपना योगदान देने का दृढ़ संकल्प भी लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महामाया मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों सराहनीय योगदान रहा।