
बिलासपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए समारोहों को प्रदूषण-मुक्त बनाने की मांग को लेकर टीम मानवता बिलासपुर ने बुधवार को जिला कलेक्टर को पत्र सौंपा।

टीम मानवता ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि जिले के सभी शासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों में गैर-बायोडिग्रेडेबल सामग्री के उपयोग पर प्रभावी रोक लगाई जाए।
पत्र में कहा गया है कि स्वतंत्रता दिवस सहित विभिन्न आयोजनों में प्लास्टिक एवं रबर के गुब्बारे, थर्माकोल, प्लास्टिक रिबन तथा अन्य सिंथेटिक सजावटी सामग्रियों का उपयोग किया जाता है। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद इनका कचरा खुले स्थानों, नालों एवं जलस्रोतों में पहुंच जाता है, जिससे पर्यावरण के साथ-साथ पक्षियों एवं पशुओं को भी नुकसान होता है।
टीम मानवता की प्रमुख मांगें:
- प्रतिबंध: स्वतंत्रता दिवस समारोहों में प्लास्टिक और रबर के गुब्बारे उड़ाने, सिंगल-यूज प्लास्टिक ध्वज, थर्माकोल एवं प्लास्टिक रिबन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
- विकल्प: समारोहों में कागज, सूती कपड़ा, ताजे फूल, हस्तनिर्मित क्राफ्ट तथा पुन: उपयोग की जा सकने वाली सामग्री को बढ़ावा दिया जाए।
- पौधरोपण: स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और अमर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए प्रत्येक विद्यालय एवं शासकीय कार्यालय परिसर में कम से कम एक फलदार अथवा छायादार पौधा लगाया जाए।
- Zero-Waste आयोजन: स्वतंत्रता दिवस समारोहों को अधिक से अधिक Zero-Waste Event के रूप में आयोजित कर कार्यक्रम के बाद कचरे का उचित पृथक्करण एवं निपटान सुनिश्चित किया जाए।
टीम मानवता ने मांग की है कि इस संबंध में जिले के सभी संबंधित अधिकारियों एवं विद्यालय प्रमुखों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर 15 अगस्त 2026 के समारोहों को पर्यावरण-अनुकूल बनाया जाए।
टीम मानवता का संदेश:
“स्वतंत्रता दिवस केवल देश की आजादी का उत्सव नहीं है, बल्कि अपनी प्राकृतिक संपदा और बेजुबान जीव-जंतुओं की रक्षा का संकल्प लेने का अवसर भी है। देशभक्ति के साथ प्रकृति की रक्षा भी हमारी जिम्मेदारी है।”